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Firozabad, U.P., India
A curious Homemaker... Who is Eager to learn eveything :)

01 June, 2022

स्त्री दिवस 2022

 वो स्त्री है,मुस्कराते रहना,

कुछ न कुछ दिल मे छुपा कर

आदत बना लेती है

मुस्कराने की वजह तलाश ही लेती है

मन खुश रहे ,बहाना ढूंढ लेती है

फूली हुई रोटी को देखकर,

दोबारा सब्जी की फरमाइश पर,

हाथों से लगाये, पौधों पर कली देखकर,

अकेले बैठी, प्रियतम की प्यारी सी झिडकी पर

उलाहना भी मिला था,उस रोज

उसको याद कर ,भूल जाने का जज्बा लिये

कैसे भी ,मुस्कराती है, ,वो उदास स्त्री ,

हर दायरे को लाघंकर ,बस मन पक्का कर 

जी लेती है ,सकून से,मुस्कराकर ,ये जिदंगी

दो आंगन की खुशियाँ बनती ,ये स्त्री

मेघा

8/3/2022

Happy women's day

कश्मीर फाइल्स

 रोती रही ,वो कश्यप की धरती

विलखती रही वो दैविक वादी

मिट गये उस मिट्टी के वंशज

खत्म हो गए पौराणिक महत्व

चीर दिया सबका सीना

क्या नारी,क्या धरती माता

जीने को परिवर्तित हो गए

अपनी जडों से जुदा हो गये

इक जन्नत की चाह मे मानव

बना गये जहन्नुम वो दानव

रो लिये बहुत ,अपने बंधू वाधंव

अब कर दो, उनको पुनर्स्थापित

फिर से ,जीये,हमारे वो सारे पूर्वज

जो जीते जी ,जी न पाये थे तब

भर जायेगी, गोद कश्मीर की

खिल जायेगी, ये ,स्वर्ग की वादी


मेघा जैन

3/4/22

रुकना नही

 मेरी प्यारी साहसी बहन के लिए जिसने हमसफर के जाने के बाद भी हिम्मत नही हारी


प्रिय बहन,

तुम्हारी शादी की 26वी साल की बधाई ,तुम बहुत साहसी हो

कुछ पंक्तियां तुम्हारे लिये



यादें कभी मिटती नही मन से

मिटेगी क्या- धूमिल भी कभी होती नहीं

नन्ही कोंपले,मां के आंचल से निकल

पापा की अथाह छत्रछाया से निकल

अलग ही आंगन मे रौप दी जाती

देहरी से पार,भेज दी जाती, अकेली, 

पर उनका अपना ,आत्मबल, आत्म विश्वास

 सम्पूर्ण सार्थक वजूद साथ रहता है उम्र भर

फिर चाहे,कोई साथ दे न दे, न हो संग हमसफर

न कोई चमक,न कोई दमक,बस शून्य

शून्य से पार ,खुद का सफर कायम रखकर

अपनी नये अकुंरित बीजों, कोंपलो को

अपनी छाया तले,सींचती, संजोती है वो 

और बना लेती हैं, विशाल वृक्ष ,आसपास, प्यार-जतन से

अब वे उपकार चुकाने, तुम्हें सहेजने छाया देगे,फल देगें

उस छाया मे विश्राम करना, कुछ पल

जेहन मे रखना, अपना,आत्मबल और वजूद

तुम तुम्हारे वजूद से हो,बढती रहना,

रुकना नही, हमसफर खुद की खुद ही बनना

रुकना नही, हमसफर खुद की खुद ही बनना

मेघाममता

27/5/2022

बच्चे

 बच्चे दूर चले गए, बहुत दूर

हमारे घर आंगन मे खुश थे

अपनी ख्वाहिश से अनजान थे

प्यार, दुलार मे महफूज थे

हमने ही सिखा दी दुनिया की रीत

दिखा दिया ,बडा है आसमां

उड गए,अपने पंख पसार

देखे, कितना बडा है आसमान

पीछे रह गया घर सूना

साफ,सुथरा, सलीकेदार

कोई शोर नही, आवाज नही

मम्मी कहा हो ? कोई पुकार नही

सब खामोश, सब चुप

पर दिल मे है यादों का शोर

महसूस करते है बच्चे भी 

हमारी इस टीस को

बडे हो गए ,समझदार

याद दिला देते, प्यार से

सपने आपके ही अब हमारे है

खुश रहा करो, हम यही तो है

उनके सपने ,अब आँखों मे भरे

इंतजार है, हर दिन हर पल

उनके ,जल्दी घर वापसी का ,

वो आयेंगे शोर करते हुए, 

मन के शोर को दफन करने

मेघा

1/6/2022

10 May, 2021

मन

 मन की दुविधायों से बाहर निकल रे मन

कुछ अच्छा सोच, म्रग तृष्णायों से भ्रमित न हो, रे मन

जीवन मिला ,इसे यू ही व्यर्थ न कर, हे मन

बन जा अडिग,अटल निश्चल, निस्वार्थ ,हे मन

क्यों परेशान, क्यों बैचेन-चल किसी को बता दें रे मन

अपने किसी कांधे, पर सर रख,चल ,थोडा सा रो ले,रे मन

09 May, 2021

Happy mother's day

 🥰 Happy mother's day🥰

😘I love you mummy 😘

इस दुनिया में जिसने भी जन्म लिया ,उसने माँ के रूप में भगवान  को जन्म से ही पाया । माँ सिर्फ जन्म देने से माँ नही होती ,ममतामई अनुभूति हर लालन पालन करने वाले व्यक्ति में होती है। फिर वो चाहे स्त्री हो या पुरुष।😊

हम इस दुनिया में आए है और इस दुनिया के लिए हम भले ही कुछ न हो पर अपनी माँ के लिए सब कुछ है,माँ की दुनिया है हम,इस बात का अहसास हम सबको रहता है।

 🤱🏻माँ बनते ही एक स्त्री ,अपने बच्चे के लिए समर्पित हो जाती हैं। 👩‍👧‍👦बच्चों के लिए वो सारी दुनिया से लड़ने की ताकत रखती हैं । ❤️बच्चों के लिए इस समर्पण में सिर्फ प्यार स्नेह की भावना ही होती और बदले में सिर्फ प्यार की चाह ही होती है।

माँ का ममतामई स्वरूप का कुछ शब्दों में बखान करना बहुत ही मुश्किल है। अपनी माँ का रूप हर बच्चे के दिल में बसता है।

*सही कहा किसी ने भगवान सब जगह नही जा सकते इसलिए उन्होंने माँ को बनाया* ।

हम सब अपनी माँ से कितना प्यार करते है, सब अपने दिल में जानते ही है ।इस माँ और बच्चों के प्रेम का कोई माप दंड है ही नही ।😊

माँ तू एक शब्द नही ,एहसास है

माँ तू इंसान नही ,भगवान ही है

तेरे दुलार ने मेरा जीवन संवारा

तूने ही प्रीत प्रेम से परिचय कराया 

माँ तूही मुझे, इस दुनिया में लाई है

माँ तुझसे ही मेरी ये दुनिया आबाद है

तूने ही मुझे ये जिंदगी बख्शी है

हाँ माँ ,तुझसे ही तो मेरा वजूद है

माँ तू नही ,तो, कुछ भी नही है

तू है , तो , सारे जहां का सुख है

सब कहते-मैं तेरा ही प्रतिबिंब हूं -पर ,

मैं तुम जैसी माँ बनने की कोशिश में हूं

मेघा

9/5/21


04 May, 2021

कोरोना को मुझसे मोहब्बत हो गई my quarantine time story

 कोरोना को मुझसे मोहब्बत हो गई


मेरी एक दीदी ने facbook पर ये tagline पोस्ट की थी। मुझे बड़ी interesting लगी,तो मैंने भी इसे अपनी इस पहली पोस्ट की headline bana ली।

हां सच में कोरोना को मुझसे मोहब्बत हो गई ,पर एकतरफा और एकतरफा मोहब्बत खतरनाक भी होती है या फिर उदासीन हो जाती है समय के साथ। अब बात कोरोना की है तो इसकी मोहब्बत तब तक खतरनाक है ,जब तक आप इससे निपटने के लिए उदासीन है।

कहां से इस कोरोना से सामना हुआ , कहा से ये गले पड़ा ये तो हम सभी के लिए प्रश्नवाचक है और रहेगा हमेशा। जब इसको नाम मोहब्बत दे ही दिया तो ये जगतमान्य है की मोहब्बत अंधी होती है तो ये कोरोना भी आंखे मूद. कर गले पड़ गया ,पर न तो मुझे इससे मोहब्बत थी ,और न ही में अंधी थी, तुरंत ही सतर्क हो गई। न कोई बदलाब,न कोई चिन्ह,न कोई निशानी, न बुखार,न स्वाद का जाना ,न गंध का जाना कुछ भी परिवर्तन नहीं पर हां गले पड़ा था तो हल्की हरारत हो ही गई थी । बस फिर क्या था खुद को किया कमरे में कैद और कहा चल भई कोरोना तुम और में ही निपट लेते है एक दूसरे से ,घरवालों को क्यू परेशान करे । पर ये तो मेरा भ्रम ही था की घरवाले परेशान नही होंगे ,होंगे ही आखिर घर वाले है किसी और के संग कमरे में बंद हो जाओ और ये लोग परेशान न होवे मुमकिन ही नहीं 😂 ।दिल से दिल के तार जुड़े होते है ,इधर में बंद ,उधर फोन पे फोन चालू ..चिंता ,भय ,परेशानी से सब परेशान ।सलाह ,खयाल रखना ,उपदेश ,हंसना हंसाना सब चालू । खयाल रखने का बीड़ा उठा लिया घरवालों ने ,सच में प्यारा परिवार न हो तो आप जीवन में कुछ नही कर सकते ।परिवार का साथ हो तो बड़े से बड़े तूफान ,दुख ,परेशानी से पार पा सकते है ।

खयाल रखने में सबसे ज्यादा सासु मां और देवरानीयो का धन्यवाद क्या स्वाद वाला खाना खिलाया और वो भी समय पर ।  बेटे की सेवा से मन में घमंड आ गया की कितना अच्छा बेटा है मेरा ,हां वजन कुछ कम हो गया है उसपर ये कहना कोई नही जिम नही जा सकता तो ऐसे ही फिट हो गया ।

क्या किया quarantine होकर ,किसी के मन में सवाल नहीं होगा या नहीं पता नही पर बता ही देती हूं। लिखना चालू भी तो इसलिए किया की शेयर करु अपनी कोरोना वाली जबरन की मोहब्बत 😂

16 से कमरा बंदी और 30तक का लक्ष्य पर ऐसी परीसिस्थी बनी की आज 3 तारीख तक भी बंद हूं । पतिप्रेम वश ऐसा कर रही हूं । वो डायबिटीज से प्रेम कर बैठे है ना इसलिए उनसे दूरी भली फिलहाल 😰और  तीन दिन से जुकाम ने पकड़ लिया है जैसे की कोरॉना ने पीछे लगा दिया इसको की इसने मुझे से पीछा छूडा लिया लेकिन तू इसको परेशान कर ।ठीक है जुकाम भई टीम भी आजमा  लो मुझको।

एक्सरसाइज, योगा, दवाइयां,भाप, गरारे ,यही तक खुद को सीमित नही किया था और भी बहुत कुछ किया था बंद कमरे में ,कमरे में अकेले बंद होना भयाभय लगता है ना पर ऐसा नहीं है अपने को busy रखकर खुश रहना  अपने हाथ में है .....क्या क्या किया मैने ,चलो बताती हूं ,एक सबसे बड़ा सहारा फोन था ।उससे अपना ऑनलाइन काम करना,यूट्यूब पर देखना सुनना,बातें करना ,चैट करना,बुक्स पड़ना , चिंतन मनन करना ,साथ ही पॉजिटिव रहना (कोरोना वाला नही 😂उसकी तो खटिया खड़ी कर दी ।) सोच पॉजिटिव रखना *


चिंतन मनन भारी शब्द लग रहे होंगे ना आप लोगो को पर सच में यूट्यूब की धार्मिक क्लासेज सुनने के बाद शांति से सोचने पर बहुत अच्छे विचार आते है हां ये बात अलग है quarantine होने पर ही अकेले में ऐसे विचार आए । सुन कर  लगता था में आत्मा हूं ,आत्मा कभी मरता नही,जो हो रहा शरीर में हो रहा है ,ये शरीर यही रह जायेगा इसलिए मेघा तुम टेंशन मत करो ऐसे सोच कर बहुत पोजिटिव रही पर जब जरा सी तकलीफ हुई  बुखार २दिन, १०३ तक हुआ, तो ये सब ज्ञान धरा रह गया आंखों से आंसू गिरने लगते ,सबकी याद आने लगती ,क्या करे *संसारी प्राणी बिरले भाव धरे मन में , सो में भी संसारी रे*

सबकी हिदायत आती आराम करना ज्यादा से ज्यादा,अब  कमराबंदी में रहते हुए कोई कितना सोए ,कितना आराम करे ,हां मैं खूब सोई, बेसुध दवाइयों के असर से ,जब उठती तो लगता कितना समय बेकार चला गया,कब तक रहूंगी यहां ... फिर बालकनी के पौधों को देख लगता इनमे कितना पेशेंस है कैसे एक ही जगह खड़े है , पर फिर भी बड़ रहे है ,उनकी देखवाल की और समय निकाला ।

एक विशेष बात और इस quarantine में हुई ,एक कबूतर का जोड़ा बालकनी के खाली गमले में घोंसला बना चुका था ,कबूतर उड़ उड़ के जाता रहता था ,कबूतरी वही बैठी रहती में सोचती कितनी आलसी है कबूतरी,पर नही वो तो अंडा दे चुकी थी और उस पर बैठती थी ,मेरे बाहर निकलते ही उड़ जाती ,में बोलती मत डरो पर नहीं सुनती ।तीन दिन बाद दो अंडे हो गए ।धीरे धीरे उसका डरना कम हुआ । मैं उससे खूब बतियाती क्या नाम रखोगी बच्चों का बताओ मुझे , तुमने आज क्या खाया ,तुम्हारा पति कहा गया , किसी और कबूतरी के साथ तो नही गया जरा ध्यान रखा करो और भी बहुत सी बातें और वो टुकुर टुकुर देखती रहती गुटूर गुटूर बोलती रहती ।  एक दिन दूर एक कबुतर को देख मैने कहा देख तेरा पति किसी और के साथ है ,सच्ची टुकुर टुकुर देखा और उड़ गई जैसे उसे सबक सिखाने गई हो (उसको मुझ पर अब विश्वास हो गया था की में उसका नुकसान नही करूंगी) । मैं उसके अंडे देखती रही ,फिर वो वापिस आ गई और टुकुर टुकुर मुझे देखा गुटुर गुटुर बोली ,जैसे कह रही हो thank you देखभाल के लिए  । 

एक बात अच्छी हुई थी , कबूतर कबूतरी से बातें करने के कारण फोन का इस्तेमाल कम हो गया था और मन को अच्छा भी लगता था ।

एक दिन सवेरे सवेरे ५ बजे कबूतर और कोबे की आवाजे और पंखों की फड़फड़ सुनाई दी ।में बालकनी में गई तो देखा एक काफी बड़ा कोवा (मैने पहली बार देखा इतना बड़ा और एकदम काला) लड़ रहा था कबूतरी से ।मैने उसे भगा दिया ,वो काफी देर दूर बैठा रहा  में भी नहीं हटी वहा से ,फिर वो उड़ गया और वापस नही आया  पर मुझे चैन कहां था। मैं ७ बजे तक वही बैठी रही, जब कबूतरी अपने घोंसले से हटी तब देख एक ही अंडा था उसमें भी छेद था छोटा सा ।बहुत अफसोस हुआ की उसका एक अंडा ,कोवा खा गया और दूसरा अंडा  बिगड़ गया ,पर कबूतरी फिर भी उस अंडे पर बैठ कर उसे से रही थी ।बहुत खुशी हुई जब,दूसरे दिन एक छोटा सा बच्चा देखा ,कबूतरी और कबूतर दोनो चहक रहे थे  । अब मैंने वहा चादर से आड़ बना दी ।खुशी थी चलो एक जीवन पल्वित हो रहा ।यह खुशी बस एक ही दिन की थी ,दूसरे दिन वह बच्चा वहां नहीं था पर कबूतरी वही अपने घोंसले में बैठी थी ,उड़ाया तो उड़ी भी नहीं,उसको पता नही एहसास नही था या नासमझ  थी , वही बैठी रही दिन भर ,शायद अफसोस कर रही थी । फिर जैसे ही दाने खाने उड़ी मैने गमला पलट दिया की वो अपने शोक से बाहर तो आए ।मैने कहा कबूतरी जा उड़ जा ,नया जीवन शुरू कर अपना , यहां गम में बैठे रहने से कोई फायदा नही । मैं  भी कल से बाहर निकल जाऊंगी और नया जीवन शुरू करूंगी। इस quarantine में बहूत कुछ सोचा ,प्लान किया ,कुछ अच्छा सीखा,अच्छा पढ़ा,गलतियों का विश्लेषण किया ,उनको सुधारूंगी और भी जीवन को अच्छे से जीऊंगी। जीवन में बहुत कविताएं,छोटे लेख , छोटी छोटी कहानियां लिखी है ,किसी को ज्यादा पता नही ,कुछ लोगो को पता है ।ये मैने पहली बार आपबीती कमराबंदी 😂 quarantine life के बारे में लिखा है । इसको में पोस्ट करूंगी या नही ,पता नही ,मेरा स्वभाव कभी मुखर ,कभी संकोची रहता है ।तो जब जैसा होगा वैसा इस लेख का भविष्य होगा ।सबको यही सलाह है घर में रहे,खुश रहे और अगर कोरोना को गलती से तुमसे मोहब्बत हो जाए 😂तो इस एक तरफा मोहब्बत को अपनी आत्म शक्ति से ,अच्छे से डॉक्टर के treatment लेकर,इसको सबक सिखा के इससे पीछा छुड़ा लेना 🙏

29 March, 2021

Holi

 दूर नजर जाती है मेरी

फागुन नजर आता है

आसमान की चादर पर

सब और, रंग नजर आता है

सूरज तेरी तपिश में भी

ठंडी फुहार का अहसास है

बच्चे, बूढ़े और जवान

सब पर ,रंग नजर आता है

चलो, सब खुशियां मना लो

गिले-शिकवों की होली जला लो

पंछी, भौरे, फूल ,वृक्ष हुये वावरे

संसार मे, सब रंग नजर आता है

सुन विरहिणी, सुन ले मन की

 इस फागुन मे ,लाज छोड़ दे,

बाबुल की प्रीत छोड़, - देख

साजन मे, सब रंग नजर आता है


मेघा 

28/3/21

Happy holi

16 August, 2015

IQC -FRAME IT UP

Hi friends
Here as Dt at IQC ...I am again infront of you after 2 months ..was busy with personal work.Our challenge for this month you all can check rules and participate HERE and for my post HERE
My creation for challenge



Submiting for BGC

16 April, 2015

ICQG#15----Anything goes with ROSES-----DT post

Hello friends ,
 Megha here presenting my creation for this month's Indian Quilling Challenge#15,and the theme is beautiful ROSES. Use quilled roses on your project and create anything ...yess anything but quilled roses should highlight your project/creation . We will consider any project if quilled rose or roses are focused .I made a quilled piano with roses decorated on it , this piano I saw on my timeline of my FB crafer friend , I asked him , how to make , thanks for him to sharing LINK , you all can also visit and try your hands on this lovely piece of quilling .
Here is my project