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01 June, 2022

मैं लिखने लगी हूं

 🙏🙏🙏सादर  नमन 🙏🙏🙏

#काव्योदयसाहित्यिकप्रतियोगिता 

#दिनांक - 17/01/2022


हॉ मैं अब लिखने लगी हूं

तुम्हारे सवालों के उत्तर नही देती

अब मैं तुमसे उलझती नही हूं

तुम्हारी हॉ में हॉ कह देती 

इस उम्र में चुप रहती हूँ 

मेरी आँखों में कोई ख्वाईश नही

मैं नमी चुपचाप छुपा लेती हूँ 

हॉ मैं अब लिखने लगी हूं

तुम्हारी प्रीत, तुम्हारी नाराजगी 

सब मेरी लेखनी बन जाते

शब्दों को आवाज देने की जगह

चुपचाप लिख देती हूँ 

तुम भी खुश, मैं भी खुश

अपनी अपनी दुनिया में खुश

हॉ मैं अब लिखने लगी हूं

बना ली मैंने अलग ये दुनिया

कागज कलम से नाता रखकर 

मैं शायद तुम सी नही रही

पर तुम तो तुम हो ना

तुम्हारी अपनी दुनिया है

जो मेरी होकर भी कभी मेरी न थी

हॉ इसलिए मैं अब लिखने लगी हूं


मेघा जैन

फिरोजाबाद  

उत्तर प्रदेश

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