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01 June, 2022

बच्चे

 बच्चे दूर चले गए, बहुत दूर

हमारे घर आंगन मे खुश थे

अपनी ख्वाहिश से अनजान थे

प्यार, दुलार मे महफूज थे

हमने ही सिखा दी दुनिया की रीत

दिखा दिया ,बडा है आसमां

उड गए,अपने पंख पसार

देखे, कितना बडा है आसमान

पीछे रह गया घर सूना

साफ,सुथरा, सलीकेदार

कोई शोर नही, आवाज नही

मम्मी कहा हो ? कोई पुकार नही

सब खामोश, सब चुप

पर दिल मे है यादों का शोर

महसूस करते है बच्चे भी 

हमारी इस टीस को

बडे हो गए ,समझदार

याद दिला देते, प्यार से

सपने आपके ही अब हमारे है

खुश रहा करो, हम यही तो है

उनके सपने ,अब आँखों मे भरे

इंतजार है, हर दिन हर पल

उनके ,जल्दी घर वापसी का ,

वो आयेंगे शोर करते हुए, 

मन के शोर को दफन करने

मेघा

1/6/2022

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